love, peace, harmony and humanity
Saturday, 20 July 2019
तू मिरे साथ चल न पाएगा
तुझ को दुनिया के साथ चलना है
तू मिरे साथ चल न पाएगा
अंजुम रहबर
अंजुम रहबर
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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