Thursday, 25 July 2019

दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है



दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है

लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है


फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है

दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है फ़ैज़ अहमद फ़ैज़